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डिजिटल मार्केटिंग क्या होता है? | What Is Digital Marketing In Hindi?

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दोस्तों आज के इस ब्लॉग मे हम डिजिटल मार्केटिंग क्या होता है? ( What Is Digital Marketing In Hindi? ) और इससे रिलेटेड सभी तरह के जानकारी के बारे मे जानेंगे, जिससे की आपको डिजिटल मार्केटिंग के बारें मे ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो।

डिजिटल मार्केटिंग क्या होता है? ( What Is Digital Marketing In Hindi? )

डिजिटल मार्केटिंग एक तरह का मार्केटिंग ही है जो की आज के समय मे सबसे ज्यादा प्रचलित है, क्योंकि ये इंटरनेट के द्वारा मार्केटिंग करने मे मदद करता है और इसमे आपको फिज़िकल किसी तरह का कोई चीज का उपयोग नहीं होता है बल्कि आप टेक्स्ट, इमेज या विडिओ के माध्यम से अपना बिजनस को प्रमोट कर सकते है।

डिजिटल मार्केटिंग का उपयोग इसलिए आजकल ज्यादा हो रहा है क्योंकि इसमे आपको बस अपना बिजनस से रिलेटेड इमेज या विडिओ बना लेना है और उसको Ads के माध्यम से प्रमोट कर सकते है और इसका सबसे बड़ा फायदा ये है की कम पैसे मे आपको ज्यादा ऑडियंस मिलेंगे।

अभी सब चीज अनलाइन हो गया है जिसके मदद से सब काम को अनलाइन लाया जा रहा है और इसी के कारण ही डिजिटल मार्केटिंग का ज्यादा उपयोग हो रहा है क्योंकि सभी लोग आज के समय मे इंटरनेट का उपयोग कर रहे है और जब इंटरनेट का उपयोग कर रहे है तो उनको टारगेट करना आसानी हो जा रहा है।

डिजिटल मार्केटिंग के फायदे ( Benefits Of Digital Marketing In Hindi )

डिजिटल मार्केटिंग के बहुत सारे फायदे है जो की निम्नलिखित है –

Cost Effective

इसका मतलब ये है की आप अपना बिजनस को प्रमोट करने मे कम से कम पैसा इसमे खर्च होता है जैसे की अगर आप 1000 आदमी तक प्रचार करना चाहते है तो आपको टेम्पलेट प्रिन्ट करने मे 2 रुपया लग जाएगा और उसको बँटवाने मे 2 रुपया लग जाएगा, मतलब की आपको 1000 लोगों तक पहुचने के लिए आपको 4000 रुपया लग जाएगा।

लेकिन वही अगर आप 4000 रुपया डिजिटल मार्केटिंग मे लगाएंगे तो आप 20000 लोगों तक आसानी से पहुच सकते है, इसलिए डिजिटल मार्केटिंग को कोस्ट ईफेक्टिव या कम लागत वाला मार्केटिंग बोला जाता है।

Target Audience

टारगेट ऑडियंस का मतलब ये है की आपको इसमे वही लोग तक आपका बिजनस पहुचेगा जो की आपके बिजनस से रिलेटेड हो और ऐसे मे आपको ज्यादा से ज्यादा ऑडियंस मिलने का चांस रहता है। जैसे की अगर आप 1000 लोगों तक अपना टेम्पलेट बांटते है तो उसमे से 10 लोग आपका बिजनस को जॉइन करेगा।

लेकीन वही अगर आप डिजिटल मार्केटिंग मे इन्वेस्ट करते है तो वही रैशीओ 600 700 लोग आपके बिजनस से जुड़ेंगे और वो इसलिए क्योंकि वो आपके बिजनस मे ही इन्टरिस्ट रखते है। अब इसका एक उदाहरण ये है की अगर आपको गुलाबजामुन खाना है तो आप मिठाई वाला दुकान ढूँढेंगे न की किराना दुकान।

बिल्कुल इसी तरह आपको डिजिटल मार्केटिंग मदद करता है की जिसको गुलाबजामुन खाना है तो उसके सामने आपका मिठाई का दुकान दिखा देगा जिससे की वो कस्टमर आप तक पहुच जाएगा।

Time Saving

इसका मतलब ये है की अगर डिजिटल मार्केटिंग मे आपका समय ज्यादा बचता है जैसे की अगर आप 1000 लोगों तक पहुचने जाएंगे तो आपको एक दिन कम से कम समय लग जाएगा, लेकीन वही अगर आप डिजिटल मार्केटिंग मे 1 घंटा समय दे देंगे तो हजारों और लाखों लोगों तक आसानी से पहुच सकते है।

इसलिए डिजिटल मार्केटिंग को समय के बचाव के लिए भी उपयोग किया जाता है, तो इस तरह से डिजिटल मार्केटिंग आपका समय बचाता है।

Reach Enough Audience

इसका मतलब वही है की आप ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आसानी से पहुच सकते है और उसमे आपका समय भी ज्यादा नहीं लगेगा बस एक क्लिक करना है और आप लोगों तक पहुचने लगेंगे, इसलिए अगर आपका नया बिजनस है तो आप डिजिटल मार्केटिंग के द्वारा अपना बिजनस प्रमोट कर सकते है।

Measurable Audience

इसका मतलब ये है की आपका कस्टमर किस मेथड से आपके पास आ रहे है उसका जानकारी आपको आसानी से मिल जाएगा, जैसे की अगर आप ऑफलाइन मार्केटिंग के मदद से काम कर रहे है तो आपको ऑडियंस को मापने मे दिक्कत होगा की किस जगह से आपका ऑडियंस आपके पास आया है।

लेकीन अगर आप डिजिटल मार्केटिंग के मदद से अपना बिजनस को प्रमोट करते है तो उसमे आपको ये देखने को मिल जाएगा की किस Ads के द्वारा लोग आपके बिजनस तक आए हुए है।

डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार ( Types Of Digital Marketing In Hindi )

डिजिटल मार्केटिंग निम्नलिखित प्रकार के होते है –

  • सर्च इंजन आप्टमज़ैशन
  • सोशल मीडिया मार्केटिंग
  • कंटेन्ट मार्केटिंग
  • यूट्यूब मार्केटिंग
  • ईमेल मार्केटिंग
  • पे पर क्लिक
  • वेबसाईट डेवलपमेंट

सर्च इंजन आप्टमज़ैशन

सर्च इंजन आप्टमज़ैशन को शॉर्ट फोरममे SEO भी कहते है, जिसके मदद से अगर आपके बिजनस से रिलेटेड किसी तरह का वेबसाईट है तो उसको सर्च इंजन मे रैंक कर सकते है और अपने वेबसाईट मे ऑर्गैनिक ट्राफिक ला सकते है जिसकी सबसे ज्यादा जरूरत होता है।

अगर किसी वेबसाईट मे सही से SEO किया जाए और ऑर्गैनिक ट्राफिक आने लगे तो उसका बिजनस अच्छा चलने लगता है क्योंकि उसमे बिना पैसा खर्च किए ही आपका बिजनस से रिलेटेड ऑडियंस आप तक आता है।

सोशल मीडिया मार्केटिंग

इसमे आप अपना बिजनस को सोशल मीडिया जैसे की फेसबूक, इंस्टाग्राम और लिंकेडीन जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर Ads चला सकते है और आपके बिजनस पर ऑडियंस को टारगेट कर सकते है जिससे की आपका कन्वर्शन होता है। और इसका सबसे बड़ा फायदा ये है की अभी के समय मे गाँव से लेकर शहर तक सब के सब लोग सोशल मीडिया पर ऐक्टिव है इसलिए जल्दी से बिजनस ग्रो होगा।

कंटेन्ट मार्केटिंग

इसमे आप अपना बिजनस से रिलेटेड कंटेन्ट या आर्टिकल लिखकर उसको प्रमोट कर सकते है और वो आप बहुत सारे माध्यम से कर सकते है जैसे की खुद के वेबसाईट पर आर्टिकल डालकर, किसी और के वेबसाईट पर डालकर या फिर साइट बनाकर पब्लिश कर सकते है। इससे आपको जल्दी से और ऑर्गैनिक रीच मिलता है और आपका बिजनस को ग्रो होने मे ज्यादा समय नहीं लगता है।

यूट्यूब मार्केटिंग

इसमे आप अपना बिजनस से रिलेटेड विडिओ बनाकर यूट्यूब पर डालते है और वहाँ से अपना बिजनस को ग्रो करवाते है और ये एकदम बढ़िया तरीका है क्योंकि इसमे आपको किसी तरह का कोई पैसा देना नहीं होता है और अगर आपको Ads चलाना है तो वो भी आप आसानी से चला सकते है।

ईमेल मार्केटिंग

इसके मदद से आप लोगों तक ईमेल के जरिए पहुचते है और अपना बिजनस को वहाँ से प्रमोट करते है और वहाँ से अपना टारगेट ऑडियंस को कस्टमर बनाते है अपना।

पे पर क्लिक

इसके मदद से आप अपना बिजनस को सर्च इंजन पर सबसे ऊपर रैंक करने के लिए Ads चलाते है जिससे की आपके बिजनस से ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सके और आपका बिजनस जल्दी से ग्रो कर सके और इसको पे पर क्लिक इसलिए कहते है क्योंकि जब भी कोई आपके उस Ads पर क्लिक करेगा तो उसमे आपका पैसा कटेगा क्योंकि आपने उसको Ads के द्वारा प्रमोट किया हुआ है।

वेबसाईट डेवलपमेंट

इसमे आप अपना बिजनस का वेबसाईट डिजाइन करते है और उसको फिर SEO करके प्रमोट करते है, मतलब की आप अपना बिजनस का एक वेबसाईट बनाते है जो आप खुद से बना सकते है या फिर किसी डिजिटल मार्केटर के द्वारा बनवा सकते है।

डिजिटल मार्केटिंग में क्या काम करना पड़ता है?

डिजिटल मार्केटिंग मे बहुत सारे काम होते है जैसे की सर्च इंजन आप्टमाइज़र, ग्राफिक डिजाइनर, कंटेन्ट मार्केटर, वेबसाईट डिजाइनर, ads मैनेजर, यूट्यूब मार्केटर इत्यादि काम करना पड़ता है और आपको इसमे देखना है की आप किस चीज मे परफेक्ट है और आपको सही तरह से जानकारी है।

डिजिटल मार्केटिंग कोर्स कितने दिन का होता है?

डिजिटल मार्केटिंग कोर्स 3 महिना से लेकर 6 महिना तक का होता है जो की इंस्टिट्यूट पर आधारित रहता है की वो कैसे पढ़ाते है और आपका पढ़ने का क्या स्टाइल है और आप कितना जल्दी चीज को सीखते है।

डिजिटल मार्केटिंग में क्या सिखाया जाता है?

डिजिटल मार्केटिंग मे आपको किसी भी बिजनस को कैसे प्रमोट करना है उसके बारे मे सिखाया जाता है जैसे की बिजनस के वेबसाईट बनाकर, वेबसाईट को सर्च इंजन के लिए आप्टमाइज़ करना, बिजनस को सोशल मीडिया पर प्रमोट करना, बिजनस को यूट्यूब पर प्रमोट करना इत्यादि सिखाया जाता है।

क्या आप बिना डिग्री के डिजिटल मार्केटर बन सकते हैं?

डिजिटल मार्केटर बनने के लिए किसी तरह के कोई डिग्री लेने की जरूरत नहीं होती है बल्कि किसी बिजनस को किस तरह से प्रमोट करे की ज्यादा से ज्यादा ऑडियंस मिल सके अगर वो समझ मे सही से आ गया तो आप एक डिजिटल मार्केटर हो।

क्या मैं 2 महीने में डिजिटल मार्केटिंग सीख सकता हूं?

बिल्कुल सिख सकते है बल्कि मैं तो कहता हूँ की आप उसको 1 महीने मे सिख सकते है लेकीन उसमे आपका ध्यान बिल्कुल डिजिटल मार्केटिंग पर ही होना चाहिए, मतलब की ज्यादा से ज्यादा उसमे आपको सीखना पड़ेगा और समय देना पड़ेगा।

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Conclusions

दोस्तों आशा करता हूँ की आपको आज का ब्लॉग पसंद आया होगा जो की डिजिटल मार्केटिंग क्या होता है? ( What Is Digital Marketing In Hindi? ) से रिलेटेड था और अगर इससे रिलेटेड किसी तरह के मन मे डाउट हो तो नीचे कमेन्ट जरूर करे।

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